भारत सरकार लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण विभाग
लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज - भारत सरकार
सभी पाठ्यक्रम आपातकालीन दुर्घटना ओपीडी और विशेष क्लीनिक निविदाएं बुक ऑनलाइन नियुक्ति पूर्व छात्र मीडिया गैलरी

निदेशक डेस्क

वापस जाएं

डॉ अपर्णा अग्रवाल

डॉ अपर्णा अग्रवाल    एमडी
निदेशक  और निदेशक प्रोफेसर (मेडिसिन)
लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज
और श्रीमती सुचेता कृपलानी और कलावती सरन चिल्ड्रेन हॉस्पिटल

LHMC Logo

लेडी  हार्डिंग मेडिकल कॉलेज देश में एकमात्र कन्या चिकित्सा  महाविद्यालय है,  17 मार्च 2016 को अपनी स्थापना की शताब्दी मना चुका है, यह संस्थान शहर के मध्य  में स्थित है। अपनी उत्कृष्टता के 106 वें वर्ष में है।

सन् 1916 से आरंभ हुए स्नातक पाठ्यक्रम में छात्रों की संख्या 16 से बढ़कर 240 होना तथा 1954 में शुरू हुए,  स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में  वर्तमान में 174 सीटें व सुपरस्पेशलिटी स्नातकोत्तर स्तर पर 08 सीटें,  इसकी निरंतर प्रगति को दर्शाता है। हमें  आशा है  कि आगामी वर्षों में नए सुपरस्पेशलिटी पाठ्यक्रमों की शुरुआत करेंगे।

सन् 1916 में 80 बिस्तर  के साथ शुरू हुए सह अस्पतालों में बिस्तरों  की संख्या बढ़कर 1272 तक हो गई है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए  45 बिस्तरों वाले कैंसर विज्ञान खंड (ऑन्कोलॉजी खंड) एवं नए दुर्घटना एवं आपातकालीन विभाग और बहिरंग रोगी विभाग (ओपीडी)  के निर्माण के  साथ ही 906 बिस्तरों वाले एक नए अंतरंग खंड का जल्द ही विस्तार होगा। नए शैक्षणिक खंड के साथ परिसर में नई संरचनाएं जोड़ी गई हैं। मुझे विश्वास है कि पुनर्विकास योजना के अगले चरण में एक नए सुपरस्पेशलिटी खंड और मातृत्व एवं बाल स्वास्थ्य खंड की शुरुआत हो जाएगी। शिक्षण तकनीकों में निरंतर होती प्रौद्योगिक प्रगति के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए वर्तमान शैक्षणिक वर्ष के दौरान स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के छात्रों के लिए एक आधुनिक कौशल प्रयोगशाला स्थापित होना अपेक्षित है।

कोविड-19 की महामारी के दौरान लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज ने सामूहिक  रूप से  महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की फैकल्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर कोविड से संबंधित और  गैर संबंधित गतिविधियां चाहे वह अलग-अलग दिशानिर्देश तैयार करना हो, टीकाकरण के बाद प्रतिकूल घटनाओं का अध्ययन, कार्य-कारण का मूल्यांकन, सार्वजनिक सलाह और समय-समय पर मीडिया से बातचीत करना हो-में अपना योगदान देकर अग्रणीय रहे हैं।  लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के हर वर्ग- फैकल्टी, रेजीडेंट, छात्र, नर्सिंग अधिकारी, तकनीकी कर्मचारी, सी.पी.डबल्यू.डी., ड्राइवर, “ग” वर्ग के कर्मचारी, सुरक्षा कर्मचारी, मिनिस्ट्री कर्मचारी और कार्यालय के कार्मिकों ने महामारी से निपटने में सक्रिय भूमिका निभाई है। हमारी  टीम के प्रत्येक सदस्य के परिवार के सदस्यों के योगदान को भी कम आंकना उचित नहीं होगा।

जब हमारे आस पास महामारी ने सभी लोगों  के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर असर डाला, उस दौरान सभी कोविड योद्धा दृढ़ता पूर्वक कोविड मरीजों की विशेष देखभाल के लिए अडिग रहे, जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं।

हमारा यह सब केवल नैदानिक बुनियादी ढाँचे में महत्वपूर्ण सुधार एवं  मरीजों की देखभाल के लिए पर्याप्त संख्या में विभिन्न उपकरणों की खरीद के कारण ही नहीं बल्कि मेरे पूर्वाधिकारी  के मार्गदर्शन से एवं डॉक्टरों, नर्सों और सहायक  कर्मचारियों की एक समर्पित टीम के कारण भी कर सके। लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के  प्रतीक चिन्ह पर अंकित Per Ardua Ad Astra  (सितारों तक पहुँचना/असंभव कार्य को संभव कर दिखाना) की मूल भावना का  सही मायनों में आज से पहले कभी उपयुक्त प्रतीत नहीं हुआ।  लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज ने पिछले वर्षों में चिकित्सा के क्षेत्र में कई दिग्गजों को पेश किया एवं बीते वर्ष जिन्हें हमने कोविड -19 से खो दिया है हम उन दिग्गजों को श्रद्धांजलि देते हैं।

हमारा संस्थान देश के सभी चिकित्सा संस्थानों में शीर्ष से 8वें स्थान पर है- हमारा उद्देश्य न केवल स्नातक छात्रों एवं रेजीडेंट के लिए अपितु अस्पताल में आने वाले मरीजों के लिए आधुनिक  बुनियादी सुविधाओं के साथ  इसे  पहले पाँच संस्थानों में लाना है।

मेरी इच्छा है कि जैसे-जैसे हम इस महामारी से गुजरे, वैसे-वैसे हम और दृढ़ होते जाएं। शैक्षणिक सुविधाओं में एक उछाल लें, बुनियादी ढाँचे के अनुसार  योजना  में गति बनी रहे और हम स्वास्थ्य के सभी चार आयामों में जरूरतमंद मरीजों की सेवा करके अपने लक्ष्य की प्राप्ति कर सकें।

 

जय हिंद